तब तुम कहॉं थे?
नगरीनिरंजन
लंचटाईम में जब मैंने पाया
टिफिनबाक्स में लड्डू है आया
तिलमिलाके झट से उसे
खिडकी से बाहर फेंक दिया
हफ्तेभर पहले जब याद किया था
भूक से जब बिलबिला रहा था
ऐ रासभ के अन्न
तब तुम कहॉं थे?
शाम को जब मैं घर को आया
टामी कुत्ता फुला न समाया
कमर में मारी लात घुमा के
दुम हिलाते जब पास आया
जब मैं छोटा बच्चा था
दो-दो कुत्तों ने काटा था
ऐ नमकहरामी कुत्ते
तब तुम कहॉं थे?
पापा, आज मैं बाईक से गिर गया
बेटा पास आके रो दिया
टूटे हाथ को अनदेखा करके
उलटा उस पे मैं चिल्लाया
जब मैं स्कूल में जाता था
और साईकल से गिरता था
ऐ शैतान की औलाद
तब तुम कहॉं थे?
मामुली सा आदमी पिट रहा था
जब मैं घूमने निकल गया था
दो-चार पत्थर मैं ने भी मारे
जब झुॅंड उसे कुचल रहा था
पिछले साल जब ऐसा हुअा था
किसी गरीब को ऐसे कुचला था
ऐ कमनसीब कमीने
तब तुम कहॉं थे?
अप्रतिम !
केवळ अप्रतिम....