नवीन लेखन
| प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिसाद | अद्ययावत | वाचनं |
|---|---|---|---|---|---|
| समीक्षा | पिफ २०२१ : चित्रपट महोत्सव आणि सामाजिकता |
हेमंत कर्णिक | 3 | 2025-01-17 | 1 |
| मौजमजा | Confession |
anant_yaatree | 2 | 2025-01-17 | 0 |
| ललित | मला दिसलेला दत्ता इस्वलकर |
विजय तांबे | 6 | 2025-01-17 | 0 |
| चर्चाविषय | लॉकडाउनचं वर्ष - अर्धा भरलेला ग्लास |
राजेश घासकडवी | 26 | 2025-01-17 | 4 |
| ललित | सौंदर्याची नवी विशेषणे |
केदार पाटणकर | 4 | 2025-01-17 | 3 |
| चर्चाविषय | कोव्हिड लसींची परिणामकारकता - डॉ. प्रमोद चाफळकर |
ऐसीअक्षरे | 19 | 2025-01-17 | 5 |
| माहिती | कृत्रिम प्रद्न्या आणि समुपदेशन - एक सांगड |
सामो | 12 | 2025-01-17 | 1 |
| माहिती | पेशंटला कोविड वॉर्ड मधे ठेवल्यानंतर नातेवाईकांनी लक्षात ठेवण्याच्या काही महत्वाच्या गोष्टी |
Space bar | 8 | 2025-01-17 | 4 |
| समीक्षा | Pagglait |
shantadurga | 7 | 2025-01-17 | 2 |
| ललित | काळ्या पिवळ्या नवसाची गोष्ट: टॅक्सी दिवस १६: २१ फेब्रुवारी २०२१ |
नील | 2 | 2025-01-17 | 0 |
| चर्चाविषय | दुसऱ्या लाटेच्या निमित्ताने |
अबापट | 114 | 2025-01-17 | 24 |
| ललित | जेंडर प्रोनाउन्स - सर्वनामात काय आहे? |
भ्रमर | 16 | 2025-01-17 | 2 |
| कविता | भेट |
anant_yaatree | 2 | 2025-01-17 | 0 |
| ललित | करोनाचा बड्डे |
म्रिन | 2 | 2025-01-17 | 2 |
| ललित | आई-बाबांच्या आठवणी (भाग ३) |
बालमोहन लिमये | 22 | 2025-01-17 | 1 |
| चर्चाविषय | ब्रिटिश राजघराणं, मेगन मर्कल, ओप्रा, वंशवाद, "शार्लि एब्दो" इत्यादिवगैरे |
राजन बापट | 22 | 2025-01-17 | 2 |
| समीक्षा | लाल इश्क् |
फारएण्ड | 13 | 2025-01-17 | 0 |
| ललित | आई-बाबांच्या आठवणी (भाग २) |
बालमोहन लिमये | 7 | 2025-01-17 | 2 |
| ललित | काळ्या पिवळ्या नवसाची गोष्ट: टॅक्सी दिवस १५: (१४ फेब्रुवारी २०२१) |
नील | 4 | 2025-01-17 | 2 |
| चर्चाविषय | लसविषयक शंकानिरसन आणि चर्चा |
अबापट | 81 | 2025-01-17 | 16 |
| ललित | आई-बाबांच्या आठवणी |
बालमोहन लिमये | 8 | 2025-01-17 | 2 |
| माहिती | नैतिकतेसाठी परमेश्वर हवा(च) का? – एक सर्वेक्षण |
प्रभाकर नानावटी | 106 | 2025-01-17 | 23 |
| चर्चाविषय | कोरोना लस (भाग ४) - इनॲक्टिव्हेटेड लशी |
अबापट | 4 | 2025-01-17 | 2 |
| ललित | अब तो होश ना खबर है... |
विवेक कुलकर्णी | 4 | 2025-01-17 | 1 |
| समीक्षा | “अंतर्यामी खजुराहो”ची मालिका येऊ दे… |
युसुफ शेख | 2 | 2025-01-17 | 3 |
